
Key Mapper & Floating Buttons
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- एप्लिकेशन के माध्यम से कीबोर्ड मैपिंग आसान है।
- फ्लोटिंग बटन अनुकूलन योग्य हैं।
- यूजर इंटरफेस सरल और उपयोगकर्ता के अनुकूल है।
- बिना रूट के अधिकांश सुविधाएं उपलब्ध हैं।
- बैटरी की खपत कम है।
कमियाँ
- कुछ उपकरणों पर असंगतता के मुद्दे हैं।
- कुछ उपयोगकर्ताओं को विज्ञापन परेशान कर सकते हैं।
- संवेदनशील अनुमतियाँ मांग सकता है।
- नि:शुल्क संस्करण में सीमित सुविधाएं हैं।
- उन्नत सुविधाओं के लिए प्रीमियम खरीद आवश्यक।
द्वारा विश्लेषण Appcracy
क्या आपने कभी सोचा है कि आपके एंड्रॉइड डिवाइस को और भी स्मार्ट कैसे बनाया जा सकता है? अगर हां, तो Key Mapper और Floating Buttons ऐप्स आपके लिए हो सकते हैं। ये ऐप्स आपके स्मार्टफोन के अनुभव को कई गुना बढ़ा सकते हैं। चलिए, इनके बारे में विस्तार से जानते हैं।
शुरुआत में क्या उम्मीद रखें
यह ऐप मनमुताबिक बनाने की श्रेणी में आता है और इसे sds100 ने विकसित किया है। इसका मूल विचार फोन के बटनों और स्क्रीन पर दिखने वाले फ़्लोटिंग बटनों के इस्तेमाल को अपनी आदतों के अनुरूप ढालना है। यह उन लोगों के लिए खास तौर पर दिलचस्प है जिन्हें बार-बार एक ही काम करने के लिए स्क्रीन खोलकर कई चरणों से गुजरना पड़ता है।
मैं इसे किसी पूरे फोन इंटरफ़ेस को बदल देने वाले लॉन्चर की तरह नहीं देखता। इसका फायदा अधिक छोटा और व्यावहारिक है: किसी परिचित बटन या स्क्रीन पर रखे शॉर्टकट को ऐसा काम सौंपना, जिसे आप अक्सर करते हैं। अगर आप फोन को पहले से ही ठीक तरह से इस्तेमाल करते हैं और बटनों के व्यवहार में बदलाव की जरूरत नहीं महसूस करते, तो शायद इसकी अतिरिक्त सेटिंग्स आपके लिए जरूरी न हों।
पहली बार सेट करते समय
इंस्टॉल के बाद मैं शुरुआत में सिर्फ एक ऐसा बटन चुनने की सलाह दूंगा जिसका काम बदलने से रोज़मर्रा के इस्तेमाल में फर्क पड़े। पहले सोचें कि आप कौन-सा काम बार-बार करते हैं—जैसे संगीत चलाते समय ट्रैक बदलना या किसी पसंदीदा ऐप तक जल्दी पहुंचना—और उसी के लिए एक सरल नियम बनाएं। एक साथ कई बटन बदलने के बजाय एक बदलाव आजमाना बेहतर है; इससे अगर फोन का व्यवहार आपकी उम्मीद से अलग हो, तो कारण समझना आसान रहता है।
सेटिंग बनाते समय यह भी सोचें कि नया व्यवहार कब उपयोगी होगा और कब परेशानी दे सकता है। उदाहरण के लिए, वॉल्यूम बटन रोज़मर्रा में आवाज़ कम-ज्यादा करने के लिए महत्वपूर्ण है। अगर उसी बटन को किसी दूसरे काम के लिए बदलते हैं, तो सामान्य वॉल्यूम नियंत्रण की आदत बदल सकती है। मेरा सुझाव है कि ऐसा संयोजन चुनें जिसे जानबूझकर दबाना पड़े, न कि ऐसा जो जेब में या फोन पकड़ते समय अनजाने में सक्रिय हो जाए।
फोन के मॉडल और उपलब्ध बटनों के हिसाब से अनुभव अलग हो सकता है। इसलिए किसी खास कैमरा बटन या अन्य भौतिक बटन पर निर्भर होने से पहले अपने डिवाइस पर उपलब्ध विकल्प देख लेना समझदारी है। ऐप का उद्देश्य अनुकूलन देना है, लेकिन हर फोन में बटन और उनका मूल व्यवहार एक जैसा नहीं होता।
Key Mapper: कीबोर्ड को करें अपने अनुसार
आपके स्मार्टफोन के कीबोर्ड का अनुभव और भी बेहतर हो सकता है अगर आप उसे अपनी पसंद के अनुसार कस्टमाइज़ कर सकें। Key Mapper ऐप इसी का एक बेहतरीन उदाहरण है। यह ऐप आपको हर बटन के कार्य को अपने अनुसार सेट करने की आजादी देता है। चाहे आप वॉल्यूम बटन का उपयोग म्यूजिक को कंट्रोल करने के लिए करना चाहते हों या फिर कैमरा बटन का उपयोग किसी अन्य ऐप को खोलने के लिए, यह सब कुछ इस ऐप के साथ संभव है।
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जब मैंने इस ऐप को इंस्टॉल किया, तो सबसे पहले मैंने अपने वॉल्यूम बटन को म्यूजिक ट्रैक बदलने के लिए सेट किया। यह इतना सहज और आसान था कि मुझे यह काम करने में बिल्कुल भी समय नहीं लगा। इसके अलावा, मैंने अपने फोन के कैमरा बटन को एक अलग कैमरा ऐप को खोलने के लिए सेट किया, और यह भी एकदम बढ़िया तरीके से काम किया।
पहली उपयोगी कार्रवाई चुनना
पहली सफलता का मतलब जरूरी नहीं कि बहुत जटिल सेटअप हो। मेरे लिए सबसे उपयोगी शुरुआत वही है जिसमें एक बटन का नया काम स्पष्ट हो और उसे रोज़ाना परखने का मौका मिले। संगीत सुनते हुए ट्रैक बदलना इसका अच्छा उदाहरण है: फोन हाथ में हो या स्क्रीन पर दूसरा काम चल रहा हो, उस बटन का नया काम तुरंत याद रहता है। कुछ दिनों तक इसी एक सेटिंग का इस्तेमाल करके देखें कि वह सचमुच समय बचाती है या केवल नई आदत सीखने का काम बढ़ाती है।
ऐसी सुविधा का एक व्यावहारिक इस्तेमाल यात्रा में है। मान लीजिए आप रास्ता देखते हुए संगीत सुन रहे हैं और बार-बार ऐप बदलना नहीं चाहते। बटन से ट्रैक बदलने का तरीका स्क्रीन पर नियंत्रण ढूंढने से आसान पड़ सकता है। दूसरी ओर, अगर आप संगीत कम सुनते हैं या बटन दबाने से फोन का सामान्य नियंत्रण बाधित होता है, तो यह बदलाव आपके लिए लाभदायक नहीं होगा। उपयोगिता आपकी दिनचर्या पर निर्भर करती है, न कि केवल इस बात पर कि नियम बनाया जा सकता है।
फ़्लोटिंग बटन से जल्दी पहुंच
अगर आप अपने सबसे अधिक उपयोग किए जाने वाले ऐप्स को जल्दी से एक्सेस करना चाहते हैं, तो Floating Buttons ऐप आपके लिए है। यह ऐप आपके स्क्रीन पर फ्लोटिंग बटन का एक सेट जोड़ देता है, जिसे आप अपने अनुसार कस्टमाइज़ कर सकते हैं।
जब मैंने इसे इस्तेमाल किया, तो मैंने मुख्य स्क्रीन पर एक फ्लोटिंग बटन बनाया जो मुझे सीधे अपने पसंदीदा सोशल मीडिया ऐप पर ले जाता था। यह न केवल मेरे समय की बचत करता है, बल्कि मेरी स्क्रीन पर किसी भी ऐप को बिना खोले ही सीधे एक्सेस करने की सुविधा भी देता है।
इसके साथ ही, यह ऐप फ्लोटिंग बटन को स्क्रीन के किसी भी हिस्से पर ले जाने की सुविधा भी देता है, जिससे यह उपयोग करने में और भी अधिक सहज बन जाता है।
जगह, आदत और व्यवधान का संतुलन
फ़्लोटिंग बटन की असली उपयोगिता इस बात से तय होती है कि वह स्क्रीन पर कहां रखा है। ऐसा स्थान चुनें जहां अंगूठा आराम से पहुंचता हो, लेकिन जहां वह पढ़ने, टाइप करने या किसी ऐप के जरूरी नियंत्रण के ऊपर न पड़े। अगर बटन किसी दूसरे ऐप में काम करते समय रास्ते में आता है, तो उसे ऐसी जगह खिसकाना बेहतर है जहां वह कम ध्यान खींचे। शुरुआत में एक ही बटन रखना भी उपयोगी है; बहुत सारे शॉर्टकट जोड़ने से जल्दी पहुंच का लाभ घट सकता है।
यह तरीका सामान्य होम स्क्रीन शॉर्टकट से थोड़ा अलग है। होम स्क्रीन पर जाना पड़ता है, जबकि फ़्लोटिंग बटन इस्तेमाल किए जा रहे ऐप से बाहर निकले बिना जल्दी पहुंच देने के लिए है। मगर अगर आप फोन की स्क्रीन पर कम से कम चीजें रखना पसंद करते हैं, तो लगातार दिखाई देने वाला बटन उलटा व्यवधान लग सकता है। ऐसे में साधारण होम स्क्रीन आइकन बेहतर विकल्प है।
कहां उलझन हो सकती है
बटन रीमैप करने और फ़्लोटिंग शॉर्टकट रखने का उद्देश्य अलग है, इसलिए दोनों को एक ही समस्या का समाधान न समझें। भौतिक बटन का नया काम तब मददगार है जब कोई क्रिया बार-बार करनी हो; स्क्रीन पर तैरता बटन तब अधिक काम आता है जब ऐप तक पहुंच तेज करनी हो। किसी ऐप को खोलने के लिए फ़्लोटिंग बटन पर्याप्त हो सकता है, जबकि एक भौतिक बटन का नया व्यवहार अलग तरह की आदत बनाता है। अपनी जरूरत के अनुसार इनमें से एक से शुरू करना आम तौर पर साफ और कम उलझन वाला रास्ता है।
एक और बात यह है कि नया शॉर्टकट हमेशा पुराने व्यवहार से बेहतर नहीं होता। अगर आप अक्सर आवाज़ बदलते हैं, तो वॉल्यूम बटन को किसी दूसरे काम में लगाने से रोज़ाना की छोटी असुविधा बढ़ सकती है। इसी तरह, स्क्रीन पर बटन रखना उस ऐप के नियंत्रणों के साथ टकरा सकता है जिसे आप सबसे अधिक इस्तेमाल करते हैं। मैं बदलाव को कुछ समय इस्तेमाल करके परखने और जरूरत पड़ने पर उसे सरल करने के पक्ष में हूं।
किसके लिए सही, और किसके लिए नहीं
मुझे यह ऐप उन लोगों के लिए उपयोगी लगता है जो अपने फोन पर दोहराए जाने वाले कामों को कम करना चाहते हैं, अपने बटनों के व्यवहार पर नियंत्रण पसंद करते हैं, या अक्सर इस्तेमाल होने वाले ऐप तक जल्दी पहुंच चाहते हैं। जो लोग फोन को एक हाथ से इस्तेमाल करते हैं, वे फ़्लोटिंग बटन की जगह सावधानी से चुनकर उसे अपनी पहुंच के मुताबिक रख सकते हैं। संगीत सुनने वालों को भी ट्रैक बदलने जैसे काम के लिए बटन का नया उपयोग सुविधाजनक लग सकता है।
इसके विपरीत, जो लोग फोन के बटन के मौजूदा व्यवहार से संतुष्ट हैं, या स्क्रीन पर अतिरिक्त नियंत्रण नहीं चाहते, उन्हें इसे अपनाने की खास वजह शायद न मिले। नए नियम याद रखने में भी थोड़ी आदत लगती है; अगर आप चाहते हैं कि फोन बिना किसी बदलाव के हमेशा परिचित ढंग से चले, तो सामान्य शॉर्टकट और मौजूदा नियंत्रण अधिक सरल रहेंगे। यह ऐप हर किसी के लिए जरूरी सुधार नहीं, बल्कि उन लोगों के लिए अनुकूलन का साधन है जिन्हें कोई खास दोहराव परेशान करता है।
रोज़मर्रा में आजमाने का तरीका
एक साधारण दिन की कल्पना करें: आप घर से निकलने से पहले संगीत चालू करते हैं, रास्ते में फोन पर कोई दूसरा काम देखते हैं, और पसंद न आया ट्रैक बदलना चाहते हैं। अगर आपने वॉल्यूम बटन का नया व्यवहार तय किया है, तो आप स्क्रीन पर प्लेयर खोजने के बजाय उसी परिचित बटन से काम कर सकते हैं। बाद में, किसी पसंदीदा ऐप को जल्दी खोलने के लिए स्क्रीन पर रखा फ़्लोटिंग बटन इस्तेमाल किया जा सकता है। इस तरह दोनों सुविधाएं अलग जरूरतें पूरी करती हैं, और आपको पहले से तय करना रहता है कि कौन-सा तरीका किस काम के लिए है।
ऐसे प्रयोग में मैं एक बदलाव को कुछ दिन देने और फिर खुद से पूछने की सलाह दूंगा: क्या मैंने सच में कम टैप किए, क्या बटन गलती से दबा, और क्या पुराने नियंत्रण की जरूरत पड़ी? इन सवालों से पता चलता है कि कौन-सी सेटिंग बनाए रखनी है। उपयोगी अनुकूलन वही है जो बिना बार-बार सोचने के काम आए; केवल अधिक विकल्प बना लेना अपने आप में सुधार नहीं है।
दूसरे विकल्पों से तुलना और लागत
इस तरह के अनुकूलन का सामान्य विकल्प होम स्क्रीन पर ऐप आइकन रखना या ऐप के अंदर उपलब्ध नियंत्रण इस्तेमाल करना है। ये तरीके सरल और परिचित हैं, लेकिन हर बार ऐप ढूंढने या स्क्रीन पर नियंत्रण तक पहुंचने की जरूरत पड़ सकती है। Key Mapper का अंतर यह है कि यह फोन के बटन को नया काम देने पर केंद्रित है, जबकि फ़्लोटिंग बटन ऐप तक पहुंचने के लिए स्क्रीन पर शॉर्टकट देता है। किसे चुनना है, यह इस पर निर्भर है कि आपकी परेशानी बटन दबाने की है या ऐप ढूंढने की।
ऐप मुफ्त है, हालांकि इसमें प्रति आइटम ₹95.00 से ₹720.00 तक की इन-ऐप खरीदारी दिखाई देती है। इसे 3+ के लिए रेट किया गया है। इसकी औसत रेटिंग 4.1 है, जिसे करीब 24 हज़ार रेटिंग्स और लगभग 2 हज़ार समीक्षाओं का आधार मिला है; यह लोकप्रियता का संकेत देता है, लेकिन आपके फोन पर हर सेटअप के अनुभव की गारंटी नहीं। इसे 5.0 या उससे नए Android पर इस्तेमाल किया जा सकता है और इसका मौजूदा संस्करण 3.2.1 है।
समीक्षकों और इंस्टॉल की संख्या देखकर निर्णय लेने के बजाय, पहले यह तय करना अधिक उपयोगी है कि आप किस एक काम को आसान बनाना चाहते हैं। यह 5 मिलियन से अधिक इंस्टॉल तक पहुंच चुका है और 27 जुलाई 2019 को जारी हुआ था। मेरे हिसाब से यहां सही कसौटी यह है कि चुना हुआ शॉर्टकट आपकी वास्तविक दिनचर्या में मदद करे, न कि सिर्फ सेटिंग्स में नया विकल्प जोड़ दे।
अंतिम तौर पर मेरी राय
अंत में, Key Mapper और Floating Buttons दोनों ही ऐप्स आपके स्मार्टफोन के उपयोग को और भी अधिक प्रभावी और व्यक्तिगत बनाने में सक्षम हैं। ये ऐप्स न केवल आपके समय की बचत करते हैं, बल्कि आपके स्मार्टफोन के अनुभव को और भी मजेदार बनाते हैं। अगर आप ऐप्स की इस दुनिया में कुछ नया और अनोखा तलाश रहे हैं, तो इन्हें एक बार जरूर आजमाएं।
मेरी सलाह है कि शुरुआत किसी एक बटन या एक फ़्लोटिंग शॉर्टकट से करें, फिर देखें कि वह रोज़ाना सच में कितना काम आता है। अगर आपका लक्ष्य बार-बार होने वाली छोटी क्रियाओं को अपने तरीके से व्यवस्थित करना है, तो यह आजमाने लायक है। अगर मौजूदा बटन और होम स्क्रीन पहले से आपकी जरूरत पूरी करते हैं, तो बदलाव न करना भी बिल्कुल ठीक है।
Key Mapper & Floating Buttons के अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Key Mapper & Floating Buttons ऐप क्या है?
Key Mapper & Floating Buttons ऐप एक उपयोगी टूल है जो आपको आपके स्मार्टफोन पर हार्डवेयर बटनों को कस्टमाइज़ करने की अनुमति देता है। इसके माध्यम से आप अपने फोन के किसी भी बटन को अपनी आवश्यकताओं के अनुसार रीमैप कर सकते हैं। यह ऐप आपके डिवाइस की कार्यक्षमता को बढ़ाने में मदद करता है और इसे अधिक व्यक्तिगत बनाता है।
क्या Key Mapper & Floating Buttons ऐप सभी डिवाइसों पर काम करता है?
Key Mapper & Floating Buttons ऐप अधिकांश एंड्रॉइड डिवाइसों पर काम करता है, लेकिन कुछ डिवाइसों पर सीमाएँ हो सकती हैं। यह ऐप विशेष रूप से उन डिवाइसों के लिए उपयुक्त है जिनमें फिजिकल बटन होते हैं। जब आप इसे इंस्टॉल करते हैं, तो यह आपके डिवाइस की संगतता की जांच करता है और आपको सूचित करता है।
क्या इस ऐप का उपयोग करते समय रूट एक्सेस की आवश्यकता होती है?
Key Mapper & Floating Buttons ऐप का उपयोग करने के लिए रूट एक्सेस की आवश्यकता नहीं होती है। यह ऐप बिना रूट किए ही आपके डिवाइस के बटनों को रीमैप करने की सुविधा प्रदान करता है। हालांकि, कुछ विशेषताओं के लिए रूट एक्सेस की आवश्यकता हो सकती है, लेकिन ये अनिवार्य नहीं हैं।
क्या Key Mapper & Floating Buttons ऐप का उपयोग करना सुरक्षित है?
यह ऐप उपयोगकर्ताओं के लिए सुरक्षित है, क्योंकि यह आपके डिवाइस के डेटा या व्यक्तिगत जानकारी को संग्रहीत या साझा नहीं करता है। डेवलपर्स ने इसे इस तरह से डिजाइन किया है कि यह आपकी निजता का सम्मान करता है और किसी भी प्रकार की हानि नहीं पहुंचाता। ऐप को नियमित रूप से अपडेट किया जाता है ताकि सुरक्षा संबंधी किसी भी समस्या को तुरंत ठीक किया जा सके।
क्या Key Mapper & Floating Buttons ऐप मुफ्त है या इसकी कोई लागत है?
Key Mapper & Floating Buttons ऐप मुफ्त में उपलब्ध है, लेकिन इसमें कुछ प्रीमियम फीचर्स भी शामिल हैं जिन्हें अनलॉक करने के लिए आपको एक निश्चित राशि का भुगतान करना पड़ सकता है। मुफ्त संस्करण में भी कई उपयोगी फीचर्स होते हैं, जिससे अधिकांश उपयोगकर्ताओं की जरूरतें पूरी हो जाती हैं।

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