Silly Crazy Smiles Wallpapers
- 25.00 समीक्षाएँ
- 3.8
- डाउनलोड्स
- 100.00K
- 5.32.0
- संस्करण
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- मजेदार स्माइली डिज़ाइन मूड को तुरंत खुशनुमा बनाते हैं।
- हल्के आकार के कारण ऐप जल्दी डाउनलोड और इंस्टॉल हो जाता है।
- वॉलपेपर बदलने की प्रक्रिया सरल और नए उपयोगकर्ताओं के लिए आसान है।
- चमकीले रंग लॉक स्क्रीन को अधिक आकर्षक बना सकते हैं।
- अधिकांश तस्वीरें सोशल मीडिया प्रोफ़ाइल के लिए भी उपयोगी हैं।
विपक्ष
- कुछ वॉलपेपर कम रिज़ॉल्यूशन वाली स्क्रीन पर धुंधले दिख सकते हैं।
- डिज़ाइन की विविधता सीमित लग सकती है और जल्दी दोहराव महसूस होता है।
- ऐप में विज्ञापन अनुभव को बीच-बीच में बाधित कर सकते हैं।
- कुछ तस्वीरें बच्चों या पेशेवर उपयोगकर्ताओं के लिए उपयुक्त नहीं होंगी।
- नियमित नए वॉलपेपर अपडेट मिलने की गारंटी नहीं दिखती।
अगर आपको फोन का साधारण कीबोर्ड, कॉल स्क्रीन और वॉलपेपर कुछ ज़्यादा ही शांत लगते हैं, तो Silly Crazy Smiles Wallpapers एक मज़ेदार बदलाव दे सकता है। मैंने इसे ऐसे ऐप के रूप में देखा जो गंभीर कस्टमाइज़ेशन के बजाय हँसते-खिलखिलाते, थोड़े शरारती किरदारों वाला माहौल बनाना चाहता है। इसका लक्ष्य साफ है: फोन खोलते ही आपको सामान्य तस्वीरों की जगह पागल मुस्कान वाले चेहरे और चमकीला, हल्का-फुल्का अंदाज़ दिखे।
यह मनमुताबिक बनाने वाला ऐप है और इसे Keyboard Background for Android Apps ने बनाया है। यह मुफ़्त है, इसलिए इसे आज़माने में खरीदारी का जोखिम नहीं रहता। ऐप को 12+ के लिए रेट किया गया है, और इसका मौजूदा संस्करण 5.32.0 है। मेरे हिसाब से इसे उन लोगों के लिए देखना चाहिए जिन्हें अपने फोन में गंभीर, मिनिमल लुक नहीं बल्कि कुछ मज़ेदार और तुरंत पहचान में आने वाला बदलाव चाहिए।
पहली बार इस्तेमाल में कहाँ अटक सकता है
इस ऐप का सबसे बड़ा आकर्षण ही इसकी सबसे आम उलझन भी बन सकता है। स्टोर पर दिखाई देने वाला छोटा-सा विचार—लाइव वॉलपेपर, कीबोर्ड थीम और कॉल स्क्रीन—कई उपयोगकर्ताओं को यह मानने पर मजबूर कर सकता है कि एक बटन दबाते ही फोन का हर हिस्सा बदल जाएगा। व्यवहार में ऐसे कस्टमाइज़ेशन ऐप को इस्तेमाल करते समय आपको यह समझना पड़ता है कि कौन-सा बदलाव किस हिस्से पर लागू हो रहा है। वॉलपेपर बदलना, कीबोर्ड की पृष्ठभूमि बदलना और कॉल स्क्रीन का रूप बदलना एक ही काम नहीं हैं।
मेरे अनुभव में सबसे पहले यही देखना उपयोगी है कि आप वास्तव में किस चीज़ को बदलना चाहते हैं। अगर आपका उद्देश्य केवल होम स्क्रीन को मज़ेदार बनाना है, तो कीबोर्ड से जुड़ी सेटिंग में समय लगाना बेकार होगा। अगर आप टाइप करते समय मुस्कुराते चेहरे देखना चाहते हैं, तो सिर्फ लाइव वॉलपेपर लगाने से वह अनुभव नहीं मिलेगा। इस अंतर को पहले समझ लेने से ऐप को बार-बार खोलकर अनुमान लगाने की जरूरत कम हो जाती है।
दूसरी संभावित रुकावट दृश्य शैली से जुड़ी है। पागल मुस्कान वाले किरदार हर व्यक्ति के लिए आकर्षक नहीं होंगे। कुछ लोगों को यह चंचल और दोस्ताना लगेगा, जबकि कुछ को रंग, चेहरे या लगातार ध्यान खींचने वाला अंदाज़ जल्दी थका सकता है। अगर आप पढ़ाई, काम या लंबे समय तक फोन देखने के लिए शांत इंटरफ़ेस पसंद करते हैं, तो यह थीम आपके लिए सही चुनाव नहीं हो सकती।
एक व्यावहारिक बात यह भी है कि कीबोर्ड की पृष्ठभूमि बदलने के बाद अक्षरों और बटन का कंट्रास्ट देखना चाहिए। सुंदर तस्वीर तभी उपयोगी है जब टाइप करते समय अक्षर साफ दिखें। बहुत चमकीली पृष्ठभूमि पर हल्के अक्षर पढ़ना मुश्किल हो सकते हैं। इसलिए सजावट को अंतिम लक्ष्य न मानें; रोज़मर्रा में तेज़ और सही टाइपिंग अधिक महत्वपूर्ण है।
सेटअप शुरू करने से पहले छोटी जाँच
यह ऐप Android के लिए है और इसे चलाने के लिए कम से कम Android 7.0 चाहिए। इसलिए पुराने फोन पर सबसे पहली जाँच यही होनी चाहिए कि आपका सिस्टम इस आवश्यकता को पूरा करता है। अगर फोन इससे पुराना है, तो इंस्टॉलेशन या उपयोग में परेशानी ऐप के डिज़ाइन की वजह से नहीं, बल्कि सिस्टम संगतता की वजह से हो सकती है। नए Android फोन पर भी यही बात याद रखें कि निर्माता का अपना इंटरफ़ेस कस्टमाइज़ेशन के तरीके को बदल सकता है।
सेटअप करते समय मैं एक समय में एक ही बदलाव लागू करने की सलाह दूँगा। पहले वॉलपेपर वाला हिस्सा आज़माएँ और होम स्क्रीन पर परिणाम देखें। उसके बाद कीबोर्ड थीम पर जाएँ और किसी संदेश ऐप में टाइप करके अक्षरों की स्पष्टता जाँचें। अंत में कॉल स्क्रीन से जुड़ा रूप देखें। इस क्रम से यह पता लगाना आसान रहता है कि किसी बदलाव के बाद समस्या कहाँ आई।
सबसे उपयोगी सेटअप आदत है: हर बदलाव के बाद तुरंत वास्तविक उपयोग में जाँच करना। केवल प्रीव्यू देखकर संतुष्ट न हों। होम स्क्रीन पर आइकन के पीछे पाठ पढ़ें, छोटे संदेश में कुछ शब्द टाइप करें और किसी कॉल के दौरान स्क्रीन का लेआउट देखें। एक थीम प्रीव्यू में अच्छी दिख सकती है, लेकिन वास्तविक फोन उपयोग में उसकी पठनीयता अलग महसूस हो सकती है।
अगर कीबोर्ड वाला हिस्सा उम्मीद के अनुसार दिखाई नहीं देता, तो पहले यह जाँचें कि आप उसी कीबोर्ड का इस्तेमाल कर रहे हैं जिसे आपने रोज़मर्रा में चुना है। कई Android फोन में एक से अधिक कीबोर्ड मौजूद होते हैं। ऐसी स्थिति में ऐप की थीम किसी दूसरे सक्रिय कीबोर्ड पर लागू नहीं होगी। यह एक सामान्य सेटअप भ्रम है और इसे ऐप की खराबी समझना आसान है।
इसी तरह, कॉल स्क्रीन का बदलाव तभी दिखाई देगा जब फोन पर आने वाली कॉल के समय वही स्क्रीन इस्तेमाल हो। कुछ फोन अपने निर्माता के डायलर या कॉल इंटरफ़ेस को प्राथमिकता देते हैं। इसलिए थीम लागू करने के बाद एक वास्तविक आने वाली कॉल में परिणाम देखना बेहतर है, न कि केवल सेटिंग स्क्रीन पर भरोसा करना।
जब बदलाव लागू न हो तो काम करने का तरीका
अगर किसी हिस्से में बदलाव दिखाई नहीं देता, तो मैं ऐप को तुरंत हटाने के बजाय एक व्यवस्थित पुनःप्रयास करूँगा। पहले चुनी हुई थीम को दोबारा खोलकर देखें कि वह वास्तव में सक्रिय हुई है या केवल प्रीव्यू में दिखाई दे रही थी। फिर फोन की होम स्क्रीन, कीबोर्ड या कॉल इंटरफ़ेस को बंद करके दोबारा खोलें। कभी-कभी नया रूप उसी क्षण नहीं दिखता जिस क्षण आप चयन करते हैं।
लाइव वॉलपेपर के मामले में होम स्क्रीन पर लौटना पर्याप्त हो सकता है, लेकिन कुछ लॉन्चर अपनी पृष्ठभूमि सेटिंग को अलग तरीके से संभालते हैं। यदि फोन में होम स्क्रीन और लॉक स्क्रीन के लिए अलग विकल्प दिखते हैं, तो ध्यान दें कि आपने थीम किस जगह के लिए चुनी है। गलत स्क्रीन पर लागू हुआ वॉलपेपर अक्सर ऐसा लगता है जैसे ऐप ने काम ही नहीं किया।
कीबोर्ड की स्थिति में किसी संदेश या नोट्स ऐप में छोटा परीक्षण करें। केवल कीबोर्ड खोलकर तुरंत बंद करने के बजाय कुछ वाक्य लिखें। इससे आपको अक्षरों की पठनीयता, बटन की पहचान और टाइपिंग के दौरान पृष्ठभूमि के व्यवहार का बेहतर अंदाज़ मिलेगा। यदि बदलाव दिखाई नहीं देता, तो सक्रिय कीबोर्ड की जाँच करें और फिर थीम चयन दोबारा करें।
अगर आप कई बार अलग-अलग थीम बदलते हैं, तो अंतिम चुनी हुई शैली को याद रखना उपयोगी है। बार-बार बदलाव करने पर यह भ्रम हो सकता है कि कौन-सा विकल्प सक्रिय है। मैं किसी एक मुस्कान वाले डिज़ाइन को पहले कुछ घंटों के लिए रखकर देखूँगा, फिर तय करूँगा कि वह रोज़मर्रा के उपयोग में आरामदायक है या नहीं। यह तरीका हर विकल्प को जल्दबाज़ी में अस्वीकार करने से बेहतर है।
एक और व्यावहारिक सावधानी यह है कि थीम बदलने के तुरंत बाद स्क्रीनशॉट लेकर तुलना न करें। पहले फोन को सामान्य तरीके से इस्तेमाल करें। होम स्क्रीन पर ऐप ढूँढें, संदेश लिखें और कॉल स्क्रीन देखें। इस परीक्षण से पता चलता है कि बदलाव केवल देखने में अच्छा है या सचमुच आपके उपयोग के अनुकूल भी है।
समस्या ऐप में नहीं भी हो सकती
कई बार उपयोगकर्ता किसी कस्टमाइज़ेशन ऐप को दोष देते हैं, जबकि असल कारण फोन का लॉन्चर, डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड या कॉल ऐप होता है। Android में एक ही काम के लिए अलग-अलग सिस्टम घटक हो सकते हैं। यदि आपका फोन निर्माता के अपने इंटरफ़ेस को प्राथमिकता देता है, तो किसी थीम का प्रभाव सीमित दिखाई दे सकता है। इस स्थिति में ऐप को खराब कहने से पहले यह देखना चाहिए कि बदलाव किस सिस्टम हिस्से पर निर्भर है।
फोन का सिस्टम संस्करण भी महत्वपूर्ण है। Android 7.0 से नीचे का फोन इस ऐप के लिए उपयुक्त नहीं है। संगत सिस्टम होने के बावजूद पुराने या बहुत हल्के हार्डवेयर पर लाइव वॉलपेपर का अनुभव उतना सहज न लगे, जितना स्थिर तस्वीर का। यदि होम स्क्रीन बदलने के बाद आपको दृश्य हलचल पसंद नहीं आती, तो साधारण वॉलपेपर वाला विकल्प अधिक आरामदायक हो सकता है।
बैटरी और ध्यान के बीच भी एक छोटा trade-off है। लाइव वॉलपेपर देखने में स्थिर तस्वीर से अधिक जीवंत लग सकता है, लेकिन जो लोग लंबे समय तक फोन की बैटरी बचाना चाहते हैं, वे कम सक्रिय दृश्य को प्राथमिकता दे सकते हैं। मैं इस ऐप को ऐसे फोन पर चुनूँगा जहाँ मज़ेदार रूप बैटरी बचत से अधिक महत्वपूर्ण हो। कामकाजी फोन या कम बैटरी वाले पुराने उपकरण पर यह प्राथमिकता उलट सकती है।
दृश्य अव्यवस्था भी एक वास्तविक सीमा है। यदि होम स्क्रीन पर पहले से बहुत सारे आइकन, विजेट और सूचनाएँ हैं, तो मुस्कुराते किरदार पृष्ठभूमि में दब सकते हैं। ऐसे में थीम का असर कम हो जाता है और स्क्रीन अधिक भरी हुई लग सकती है। बेहतर परिणाम के लिए मैं कम आइकन वाली स्क्रीन पर इसे आज़माऊँगा, ताकि पृष्ठभूमि और चेहरे साफ दिखाई दें।
किसके लिए यह मज़ेदार चुनाव है
यह ऐप उन उपयोगकर्ताओं को पसंद आ सकता है जो अपने फोन को व्यक्तिगत और थोड़ा हास्यपूर्ण बनाना चाहते हैं। किशोरों और ऐसे वयस्कों के लिए जो गंभीर ऑफिस-स्टाइल थीम की जगह रंगीन चेहरे पसंद करते हैं, यह रोज़मर्रा के फोन अनुभव में छोटा लेकिन स्पष्ट बदलाव ला सकता है। 12+ की रेटिंग को देखते हुए परिवार में इसे दिखाते समय भी उम्र के अनुरूप पसंद का ध्यान रखना चाहिए।
एक वास्तविक उपयोग का उदाहरण लें। मान लीजिए आप दोस्तों के साथ यात्रा पर हैं और हर व्यक्ति का फोन एक जैसा दिखता है। ऐसी स्थिति में अलग मुस्कान वाला वॉलपेपर आपके फोन को जल्दी पहचानने योग्य बना सकता है। इसी तरह, किसी बच्चे या परिवार के सदस्य के फोन में यह थीम उसे अधिक व्यक्तिगत महसूस करा सकती है, बशर्ते वह चमकीली शैली और चेहरे पसंद करता हो।
यह उन लोगों के लिए भी उपयोगी हो सकता है जो बार-बार फोन देखते हैं और इंटरफ़ेस में थोड़ा मूड-बदलाव चाहते हैं। यहाँ इसका मूल्य किसी जटिल उत्पादकता सुविधा में नहीं, बल्कि फोन के परिचित हिस्सों को हल्के-फुल्के रूप में बदलने में है। फिर भी, यदि आपको एक ही शैली कुछ दिनों बाद उबाऊ लगती है, तो इसे स्थायी पहचान के बजाय कभी-कभार इस्तेमाल होने वाले बदलाव की तरह देखना बेहतर होगा।
किसे इससे दूर रहना चाहिए
अगर आप साफ, साधारण और कम ध्यान भटकाने वाला फोन चाहते हैं, तो यह सही विकल्प नहीं है। पढ़ने, काम या लंबे लेख लिखने के दौरान कीबोर्ड की सजावटी पृष्ठभूमि आपको परेशान कर सकती है। ऐसे उपयोग में डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड थीम या हल्की, उच्च-कंट्रास्ट शैली अधिक व्यावहारिक रहेगी।
जो लोग अपने फोन के हर हिस्से पर बारीक नियंत्रण चाहते हैं, उन्हें भी अपनी अपेक्षाएँ सीमित रखनी चाहिए। यह अनुभव किसी पेशेवर डिज़ाइन टूल जैसा नहीं है जहाँ हर रंग, आकार और तत्व को अलग-अलग समायोजित किया जाए। इसका आकर्षण तैयार, चंचल दृश्य शैली में है। अगर आपको सूक्ष्म रंग-संतुलन, सरल आइकन या बहुत साफ इंटरफ़ेस चाहिए, तो सामान्य थीम विकल्प बेहतर होंगे।
इसी तरह, बहुत पुराने Android फोन वाले उपयोगकर्ताओं को पहले संगतता देखनी चाहिए। और यदि आपके फोन में पहले से निर्माता की मजबूत थीम प्रणाली है, तो अलग ऐप जोड़ने के बजाय उसी प्रणाली का इस्तेमाल अधिक सहज हो सकता है। एक ही काम के लिए दो कस्टमाइज़ेशन प्रणालियाँ रखने से सेटिंग संबंधी भ्रम बढ़ सकता है।
रोज़मर्रा के विकल्पों से तुलना
साधारण वॉलपेपर ऐप आमतौर पर केवल होम या लॉक स्क्रीन की तस्वीर बदलते हैं। Silly Crazy Smiles Wallpapers का अंतर यह है कि इसका विचार केवल पृष्ठभूमि तक सीमित नहीं रहता; यह कीबोर्ड और कॉल स्क्रीन जैसे उन हिस्सों को भी मज़ेदार बनाने की कोशिश करता है जिन्हें उपयोगकर्ता दिन भर देखता है। यही वजह है कि इसका प्रभाव सामान्य वॉलपेपर से अधिक व्यक्तिगत लग सकता है।
दूसरी ओर, डिफ़ॉल्ट फोन थीम अधिक स्थिर और अनुमानित अनुभव देती है। वह आमतौर पर पठनीयता और सिस्टम के साथ मेल पर ध्यान देती है, जबकि यहाँ मुस्कुराते किरदार और चंचल रूप केंद्र में हैं। इसलिए चुनाव इस बात पर निर्भर है कि आप फोन को शांत उपकरण मानते हैं या अपने व्यक्तित्व का छोटा दृश्य विस्तार।
विशेषज्ञ स्तर के थीम ऐप अक्सर अधिक विकल्प देते हैं, लेकिन उनके साथ सेटअप भी जटिल हो सकता है। इस ऐप की उपयोगिता तैयार शैली में है: आप डिज़ाइन बनाने के बजाय पहले से बने मज़ेदार रूप को आज़माते हैं। यह सुविधा उन लोगों के लिए अच्छी है जो जल्दी परिणाम चाहते हैं, लेकिन उन उपयोगकर्ताओं के लिए सीमित लग सकती है जो खुद की तस्वीर, रंग या पैटर्न से पूरी तरह अलग रूप बनाना चाहते हैं।
ऐप को 100K से अधिक बार इंस्टॉल किया जा चुका है और इसका औसत मूल्यांकन 3.8 है। मुझे यह संकेत देता है कि इसमें स्पष्ट आकर्षण है, लेकिन यह हर उपयोगकर्ता के लिए समान रूप से सफल अनुभव नहीं होगा। 2.1K रेटिंग के आधार पर इसे लोकप्रियता वाला छोटा कस्टमाइज़ेशन विकल्प कहा जा सकता है, न कि ऐसा ऐप जिसे हर फोन उपयोगकर्ता को अनिवार्य रूप से चाहिए।
मेरा व्यावहारिक निष्कर्ष
मेरे लिए Silly Crazy Smiles Wallpapers की सबसे अच्छी बात इसकी साफ पहचान है। यह आपको गंभीर उत्पादकता या जटिल डिज़ाइन नियंत्रण का वादा नहीं करता; इसका उद्देश्य फोन में हँसमुख, असामान्य और तुरंत दिखने वाला माहौल लाना है। अगर आप मुस्कुराते किरदारों वाली थीम चाहते हैं और वॉलपेपर के साथ कीबोर्ड तथा कॉल स्क्रीन को भी उसी शैली में देखना चाहते हैं, तो मुफ़्त होने के कारण इसे आज़माना आसान है।
मैं इसे लगाने से पहले तीन बातें जाँचूँगा: फोन Android 7.0 या उससे ऊपर है या नहीं, सक्रिय कीबोर्ड कौन-सा है, और क्या मुझे लाइव दृश्य वास्तव में पसंद है। इसके बाद हर हिस्से को अलग-अलग लागू करके वास्तविक उपयोग में परखूँगा। यह छोटा workflow उस निराशा से बचाता है जिसमें उपयोगकर्ता एक ही बार में सब बदलकर यह समझ नहीं पाता कि समस्या किस जगह है।
इसकी सीमाएँ भी स्पष्ट हैं। तैयार शैली पसंद न आने पर आपके पास व्यक्तिगत डिज़ाइन नियंत्रण कम महसूस हो सकता है; चमकीला रूप लंबे समय में थका सकता है; और कुछ फोन अपने डिफ़ॉल्ट लॉन्चर, कीबोर्ड या कॉल इंटरफ़ेस के कारण बदलाव को अलग तरह से दिखा सकते हैं। इसलिए मैं इसे उन लोगों को सुझाऊँगा जो मज़ेदार फोन कस्टमाइज़ेशन चाहते हैं, न कि उन लोगों को जो सबसे साफ, हल्का और पूरी तरह नियंत्रित इंटरफ़ेस खोज रहे हैं।
25 जुल॰ 2016 को जारी हुआ यह ऐप अब संस्करण 5.32.0 तक पहुँच चुका है, इसलिए इसका मूल विचार समय के साथ बना हुआ दिखता है। मेरी अंतिम राय सीधी है: दोस्तों, परिवार या अपने निजी फोन में थोड़ा हास्य जोड़ना हो तो इसे आज़माया जा सकता है; लेकिन कामकाजी, न्यूनतम या अत्यधिक अनुकूलित सेटअप के लिए सामान्य सिस्टम थीम बेहतर रहेगी। Silly Crazy Smiles Wallpapers का सही मूल्य तभी मिलता है जब आप इसे गंभीर बदलाव नहीं, बल्कि फोन के रोज़मर्रा के अनुभव में एक चंचल परत मानकर इस्तेमाल करें।
Unknown
Silly Crazy Smiles Wallpapers क्या है और इसमें किस तरह की तस्वीरें मिलती हैं?
Silly Crazy Smiles Wallpapers एक मनोरंजक वॉलपेपर ऐप है, जिसमें हंसते, अजीब चेहरे बनाते और मज़ेदार भाव-भंगिमा वाले स्माइली वॉलपेपर मिलते हैं। इसका संग्रह उन उपयोगकर्ताओं के लिए उपयोगी है जो अपने फोन की लॉक स्क्रीन या होम स्क्रीन को रंगीन, हल्का-फुल्का और मज़ाकिया रूप देना चाहते हैं। तस्वीरों की शैली और उपलब्ध विकल्प ऐप के संस्करण के अनुसार अलग हो सकते हैं।
क्या Silly Crazy Smiles Wallpapers Android और iPhone दोनों पर काम करता है?
डाउनलोड करने से पहले अपने डिवाइस के ऐप स्टोर में संगतता अवश्य जांचें, क्योंकि उपलब्धता Android और iOS संस्करण, क्षेत्र तथा डेवलपर द्वारा जारी किए गए संस्करण पर निर्भर कर सकती है। कुछ फीचर केवल किसी एक प्लेटफॉर्म पर मिल सकते हैं। ऐप इंस्टॉल करने से पहले समर्थित ऑपरेटिंग सिस्टम, आवश्यक स्टोरेज और हालिया अपडेट की जानकारी देखना बेहतर रहेगा।
क्या इस ऐप के वॉलपेपर मुफ्त में डाउनलोड किए जा सकते हैं?
ऐप में कई वॉलपेपर मुफ्त मिल सकते हैं, लेकिन कुछ सामग्री विज्ञापनों, प्रीमियम पैक या इन-ऐप खरीदारी के पीछे उपलब्ध हो सकती है। डाउनलोड या सेट करने से पहले ऐप के अंदर दिखाई देने वाले मूल्य और शर्तों को ध्यान से पढ़ें। मोबाइल डेटा बचाने के लिए बड़ी तस्वीरें डाउनलोड करते समय Wi-Fi का उपयोग करना भी सुविधाजनक रहेगा।
Silly Crazy Smiles Wallpapers में वॉलपेपर कैसे सेट किया जाता है?
आमतौर पर उपयोगकर्ता किसी स्माइली वॉलपेपर को चुनकर उसका पूर्वावलोकन देख सकता है और फिर उसे होम स्क्रीन, लॉक स्क्रीन या दोनों के लिए सेट करने का विकल्प मिलता है। कुछ फोन में ऐप को सिस्टम वॉलपेपर अनुमति देनी पड़ सकती है। यदि सीधा सेट विकल्प काम न करे, तो तस्वीर को पहले गैलरी में सेव करके फोन की वॉलपेपर सेटिंग से लागू किया जा सकता है।
क्या यह वॉलपेपर ऐप सुरक्षित है और इसे कौन-कौन सी अनुमतियां चाहिए?
ऐप इंस्टॉल करने से पहले डेवलपर का नाम, उपयोगकर्ता समीक्षाएं, अपडेट की तारीख और मांगी गई अनुमतियां जांचना आवश्यक है। एक सामान्य वॉलपेपर ऐप को तस्वीरें सेव करने या मीडिया तक पहुंच की जरूरत हो सकती है, लेकिन संपर्क, माइक्रोफोन या लोकेशन जैसी अनावश्यक अनुमति सावधानी का संकेत हो सकती है। आधिकारिक Google Play Store या App Store से ही डाउनलोड करें।







