LocalSend: Transfer Files
- 974.00 समीक्षाएँ
- 4.2
- डाउनलोड्स
- 10.00M
- 1.18.2
- संस्करण
स्क्रीनशॉट्स
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- बिना इंटरनेट या क्लाउड के सीधे फाइल भेजने की सुविधा।
- Android
- iPhone
- Windows
- macOS और Linux के बीच काम करता है।
- ओपन-सोर्स ऐप होने से पारदर्शिता और भरोसा बढ़ता है।
- फोटो
- वीडियो
- दस्तावेज़ और फोल्डर साझा करना आसान है।
- ट्रांसफर के लिए किसी खाते
- फोन नंबर या ईमेल की जरूरत नहीं।
विपक्ष
- दोनों डिवाइस का एक ही स्थानीय Wi‑Fi नेटवर्क पर होना जरूरी है।
- बड़ी फाइलों की गति राउटर और नेटवर्क गुणवत्ता पर निर्भर करती है।
- दूर बैठे व्यक्ति को इंटरनेट के जरिए फाइल भेजने का विकल्प नहीं।
- डिवाइस न दिखने पर नेटवर्क या फायरवॉल सेटिंग बदलनी पड़ सकती है।
- कुछ सिस्टम में बैकग्राउंड ट्रांसफर के लिए अतिरिक्त अनुमतियां चाहिए।
जब मुझे अपने ही फोन, लैपटॉप या घर के किसी दूसरे डिवाइस पर फाइल भेजनी होती है, तो मैं आमतौर पर क्लाउड स्टोरेज, मैसेजिंग ऐप या केबल के बजाय LocalSend को पहले आजमाता हूं। इसका कारण बहुत सीधा है: यह इंटरनेट पर किसी सर्वर के रास्ते फाइल घुमाने के बजाय आस-पास के उपकरणों के बीच स्थानीय नेटवर्क पर भेजने के काम पर केंद्रित है। तस्वीरों, वीडियो, पीडीएफ और बड़े फोल्डर के लिए यह तरीका खास तौर पर सुविधाजनक लगता है।
यह Android के लिए उपलब्ध एक मुफ्त टूल है, जिसे Tien Do Nam ने विकसित किया है। ऐप की औसत रेटिंग 4.2 है और इसे दस मिलियन से अधिक बार इंस्टॉल किया जा चुका है, इसलिए यह कोई अनजाना प्रयोगात्मक विकल्प नहीं रह गया है। फिर भी, मैं इसे हर स्थिति का समाधान नहीं मानता। इसकी असली ताकत तब सामने आती है जब दोनों डिवाइस पास हों, एक ही स्थानीय नेटवर्क से जुड़े हों और आपको जल्दी से सीधे ट्रांसफर करना हो।
रोजमर्रा के ट्रांसफर में इसका असली अनुभव
पहली बार इस्तेमाल करने का सामान्य तरीका सरल है। मैं दोनों उपकरणों पर LocalSend खोलता हूं, यह देखता हूं कि वे एक ही वाई-फाई नेटवर्क से जुड़े हैं, फिर भेजने वाले डिवाइस पर फाइल चुनता हूं। सामने मौजूद डिवाइस का नाम दिखाई देने पर उसे चुनकर ट्रांसफर शुरू किया जा सकता है। दूसरी ओर मौजूद व्यक्ति या मेरा दूसरा डिवाइस अनुरोध स्वीकार करता है और फाइल सेव हो जाती है। इस पूरी प्रक्रिया में किसी अकाउंट, ईमेल पते या शेयर लिंक की जरूरत नहीं पड़ती।
यहां एक छोटी लेकिन महत्वपूर्ण आदत काम आती है: भेजने से पहले दोनों स्क्रीन पर ऐप खुला रखना। कई बार लोग फाइल चुनकर तुरंत डिवाइस खोजने की उम्मीद करते हैं, जबकि सामने वाला ऐप बंद हो या नेटवर्क बदल चुका हो। मेरे अनुभव में, दोनों तरफ ऐप खोलकर कुछ सेकंड रुकना और डिवाइस का सही नाम पहचान लेना असफल ट्रांसफर से बचाता है। खासकर तब, जब आसपास कई फोन पर यही ऐप चल रहा हो।
एक वास्तविक उदाहरण लें। मान लीजिए मैंने यात्रा के दौरान अपने फोन से कैमरा तस्वीरें चुनीं और उन्हें टैबलेट पर संपादन के लिए भेजना है। मैसेजिंग ऐप में भेजने पर गुणवत्ता घट सकती है, क्लाउड में अपलोड और डाउनलोड दोनों का समय लग सकता है, और केबल ढूंढना अलग झंझट है। LocalSend में मैं चुनी हुई तस्वीरें सीधे दूसरे डिवाइस पर भेज सकता हूं। बाद में संपादित फाइल वापस फोन पर लाने के लिए यही प्रक्रिया उलटी दिशा में दोहराई जा सकती है।
फाइल चुनने का तरीका भी उपयोगी है क्योंकि यह केवल एक फोटो या दस्तावेज भेजने तक सीमित नहीं रहता। कई फाइलें एक साथ चुनना उन लोगों के लिए बेहतर है जो रोज काम के दस्तावेज, स्कैन या मीडिया इकट्ठा करके बाद में व्यवस्थित करते हैं। हालांकि, बहुत बड़ा चयन करने से पहले मैं फाइलों के आकार और फोन की बैटरी पर ध्यान देता हूं। स्थानीय ट्रांसफर सुविधाजनक है, लेकिन यह जादुई रूप से धीमे नेटवर्क या कमजोर डिवाइस को तेज नहीं बना देता।
प्राप्तकर्ता की तरफ स्वीकार करने का चरण भी एक उपयोगी सुरक्षा परत है। इससे आसपास मौजूद किसी अनजान डिवाइस पर फाइल अपने-आप नहीं चली जाती। फिर भी, मैं डिवाइस का नाम देखकर ही स्वीकार करता हूं और भीड़भाड़ वाली जगह में सावधानी रखता हूं। कैफे, कार्यालय या साझा नेटवर्क पर केवल अपने पहचाने हुए उपकरण को चुनना एक जरूरी व्यवहार है।
कहां यह सामान्य विकल्पों से बेहतर लगता है
मैसेजिंग ऐप की तुलना में इसका सबसे बड़ा लाभ यह है कि फाइल को बातचीत के बीच भेजने की जरूरत नहीं पड़ती। फोटो की मूल गुणवत्ता बचाए रखने की संभावना बेहतर रहती है, और प्राप्त फाइल को चैट से अलग निकालने की परेशानी कम होती है। ईमेल के मुकाबले बड़े अटैचमेंट की सीमा वाला तनाव नहीं रहता। क्लाउड स्टोरेज की तुलना में फाइल पहले किसी ऑनलाइन खाते में अपलोड नहीं करनी पड़ती, इसलिए छोटे स्थानीय काम के लिए यह अधिक सीधा महसूस होता है।
क्लाउड का अपना महत्व है। अगर मुझे किसी दूर बैठे व्यक्ति को फाइल भेजनी हो, बाद में कई डिवाइसों से वही फाइल खोलनी हो या लंबे समय तक बैकअप रखना हो, तो LocalSend सही विकल्प नहीं है। यह सहयोगी दस्तावेज, संस्करण इतिहास या दूरस्थ शेयरिंग का विकल्प नहीं बनता। इसकी भूमिका अधिक व्यावहारिक है: पास मौजूद उपकरणों के बीच तत्काल कॉपी बनाना।
सेटिंग्स में किन बातों पर ध्यान देना चाहिए
मैं इस ऐप को इस्तेमाल करने से पहले डिवाइस का नाम समझने योग्य रखता हूं। अगर घर में कई फोन, टैबलेट और कंप्यूटर हों, तो अस्पष्ट नाम देखकर गलत डिवाइस चुनना आसान हो सकता है। परिवार के साझा नेटवर्क में यह छोटी तैयारी काफी समय बचाती है। नाम ऐसा होना चाहिए जिसे आप तुरंत पहचान सकें, लेकिन उसमें अनावश्यक निजी जानकारी शामिल न हो।
सेटिंग्स में भाषा, थीम और व्यवहार से जुड़े विकल्पों को अपनी आदत के अनुसार देखना उपयोगी है। हर उपयोगकर्ता को सभी विकल्प बदलने की जरूरत नहीं, लेकिन पहली बार ऐप खोलने के बाद यह जांच लेना अच्छा रहता है कि फाइलें कहां सेव होंगी और प्राप्ति के समय ऐप किस तरह प्रतिक्रिया देगा। डाउनलोड स्थान का पता होने से बाद में फाइल खोजने के लिए फाइल मैनेजर में भटकना नहीं पड़ता।
मैं खास तौर पर सेव किए गए स्थान की जांच इसलिए करता हूं क्योंकि फोन पर भेजी गई सामग्री कभी-कभी कैमरा रोल में नहीं, किसी अलग फोल्डर में दिखाई दे सकती है। यह ऐप की खराबी समझने से पहले फाइल मैनेजर या संबंधित मीडिया फोल्डर देखना चाहिए। यदि आप नियमित रूप से दस्तावेज भेजते हैं, तो एक तय फोल्डर बनाकर उसी में सामग्री रखना बाद की सफाई को आसान बनाता है।
नेटवर्क बदलने पर भी ध्यान दें। फोन मोबाइल डेटा पर और दूसरा डिवाइस अलग वाई-फाई पर हो तो दोनों एक-दूसरे को न देखें, भले ही इंटरनेट दोनों पर चल रहा हो। कुछ राउटर अतिथि नेटवर्क और मुख्य नेटवर्क के बीच उपकरणों को अलग रखते हैं। ऐसे मामले में एक ही नेटवर्क नाम से जुड़े होने के बावजूद खोज काम न कर सकती है। मैं पहले दोनों डिवाइसों को उसी सामान्य नेटवर्क पर लाता हूं, फिर ऐप दोबारा खोलता हूं।
ऑपरेटिंग सिस्टम की आवश्यकताओं के लिहाज से यह ऐप Android 7.0 या उसके बाद के संस्करण पर चलती है। यह पुराने लेकिन अभी उपयोग में आने वाले फोन के लिए अच्छी बात है। वर्तमान संस्करण 1.18.2 है, इसलिए लंबे समय से ऐप इस्तेमाल कर रहे लोगों को भी अपडेट उपलब्ध होने पर अपने डिवाइस के अनुभव पर नजर रखनी चाहिए। अपडेट के बाद सेटिंग्स और सेव लोकेशन एक बार फिर देख लेना मेरी उपयोगी सावधानी है।
तेज काम के लिए मेरी दोहराने योग्य आदतें
अगर आप रोज एक ही तरह की फाइलें भेजते हैं, तो हर बार पूरी प्रक्रिया को नए सिरे से सोचने के बजाय एक स्थिर क्रम बनाइए। मैं पहले नेटवर्क जांचता हूं, फिर प्राप्तकर्ता का नाम पहचानता हूं, उसके बाद फाइलें चुनता हूं और अंत में सेव किए गए फोल्डर में परिणाम देखता हूं। यह क्रम उलझन कम करता है, खासकर तब जब कई डिवाइस एक साथ दिखाई दे रहे हों।
बहुत सारी छोटी फाइलों को अलग-अलग भेजने के बजाय उन्हें एक साथ चुनना अधिक व्यावहारिक है। उदाहरण के लिए, किसी प्रोजेक्ट के स्कैन, संदर्भ तस्वीरें और नोट्स एक ही बैच में भेजे जा सकते हैं। इससे स्वीकार करने के अनुरोधों की संख्या घटती है और यह जांचना आसान रहता है कि पूरा सेट भेजा गया या नहीं। दूसरी तरफ, यदि चयन में अनावश्यक वीडियो या भारी फाइल शामिल हो जाएं, तो ट्रांसफर लंबा हो सकता है; इसलिए भेजने से पहले चयन की समीक्षा करना जरूरी है।
मेरे लिए एक और कारगर तरीका है कि फोन से लैपटॉप पर भेजने के बाद तुरंत फाइलों का नाम और फोल्डर व्यवस्थित कर दूं। LocalSend कॉपी करने की समस्या हल करता है, लेकिन सामग्री को अर्थपूर्ण ढंग से व्यवस्थित करना उपयोगकर्ता की जिम्मेदारी रहती है। अगर मैं यह काम बाद के लिए छोड़ दूं, तो डाउनलोड फोल्डर जल्दी अव्यवस्थित हो जाता है। इसलिए ट्रांसफर पूरा होते ही फाइलों को प्रोजेक्ट या तारीख वाले फोल्डर में रखना बेहतर आदत है।
घर में बार-बार उपयोग करने वाले उपकरणों के लिए मैं एक छोटा परीक्षण ट्रांसफर पहले करता हूं। इससे पता चल जाता है कि सही नेटवर्क चुना गया है, प्राप्त फोल्डर समझ में आ रहा है और डिवाइस का नाम वही है जिसकी उम्मीद थी। उसके बाद बड़े बैच भेजना अधिक सुरक्षित रहता है। यह खासकर तब उपयोगी है जब राउटर बदला गया हो या फोन में नेटवर्क सेटिंग्स रीसेट हुई हों।
यदि डिवाइस दिखाई नहीं देता, तो मैं क्रमशः वाई-फाई, ऐप की खुली स्थिति, नेटवर्क का प्रकार और दोनों उपकरणों का दोबारा जुड़ना जांचता हूं। बार-बार बटन दबाने के बजाय यह छोटा निदान अधिक प्रभावी है। कभी-कभी ऐप बंद करके फिर खोलना भी खोज प्रक्रिया को साफ कर देता है। लेकिन यदि नेटवर्क स्वयं उपकरणों को एक-दूसरे से अलग कर रहा है, तो केवल ऐप पुनः खोलने से समस्या हल नहीं होगी।
उन्नत उपयोग में सीमाएं और सावधानियां
LocalSend का स्थानीय होना इसकी ताकत भी है और सीमा भी। यह तभी सबसे अच्छा काम करता है जब भेजने वाला और पाने वाला उपकरण भौतिक रूप से पास हों और नेटवर्क उन्हें आपस में संवाद करने दे। किसी दूसरे शहर में मौजूद व्यक्ति को फाइल भेजने के लिए यह व्यावहारिक माध्यम नहीं है। ऐसे मामले में क्लाउड ड्राइव, ईमेल या सुरक्षित ऑनलाइन शेयरिंग सेवा अधिक उपयुक्त होगी।
सार्वजनिक नेटवर्क पर मैं इसका उपयोग सोच-समझकर करता हूं। डिवाइस खोज में दिखना अपने-आप में खतरा नहीं, क्योंकि अनुरोध स्वीकार करना फिर भी जरूरी है, लेकिन अनजान नामों को स्वीकार करना ठीक नहीं। संवेदनशील दस्तावेज भेजते समय मैं नेटवर्क पर मौजूद लोगों की पहचान और प्राप्तकर्ता के डिवाइस नाम की दोबारा पुष्टि करता हूं। सुविधा के कारण सुरक्षा की बुनियादी सावधानी छोड़ना सही सौदा नहीं है।
बड़े वीडियो या बहुत सारे मीडिया के साथ फोन गर्म हो सकता है और बैटरी खर्च हो सकती है। यह अनुभव नेटवर्क की गुणवत्ता, डिवाइस की क्षमता और फाइलों के आकार पर निर्भर करेगा। लंबे ट्रांसफर के दौरान दोनों उपकरणों को स्थिर जगह पर रखना और अनावश्यक रूप से दूसरे भारी काम न चलाना समझदारी है। यदि बैटरी बहुत कम हो, तो केबल अधिक भरोसेमंद विकल्प बन सकती है।
फाइल मिलने के बाद उसे खोलने के लिए संबंधित ऐप भी चाहिए। LocalSend फाइल भेजता है, लेकिन दस्तावेज पढ़ने, वीडियो संपादित करने या किसी विशेष प्रारूप को संभालने का काम अलग ऐप करेगा। यह अंतर पहले समझ लेना उपयोगी है, क्योंकि सफल ट्रांसफर के बाद भी फाइल तुरंत उपयोग योग्य न लगे तो समस्या भेजने की नहीं, प्राप्त डिवाइस के सॉफ्टवेयर की हो सकती है।
गोपनीयता को लेकर भी सही अपेक्षा रखना जरूरी है। स्थानीय नेटवर्क पर सीधे ट्रांसफर करना मुझे ऑनलाइन अपलोड की तुलना में अधिक निजी महसूस होता है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि हर नेटवर्क परिस्थिति स्वतः सुरक्षित है। साझा राउटर, गलत प्राप्तकर्ता चयन और खुले सार्वजनिक नेटवर्क अलग जोखिम पैदा कर सकते हैं। इसलिए मैं इसे निजी नेटवर्क पर सबसे अधिक भरोसे के साथ इस्तेमाल करता हूं।
किसके लिए यह सबसे उपयोगी है
यह ऐप उन लोगों के लिए अच्छा है जो Android फोन और कंप्यूटर के बीच फोटो, वीडियो या दस्तावेज जल्दी ले जाना चाहते हैं। छात्रों को नोट्स और स्कैन साझा करने में सुविधा मिल सकती है। छोटे कार्यालयों में, जहां लोग एक ही नेटवर्क पर काम करते हैं, यह चैट में फाइल भेजने की तुलना में साफ workflow दे सकता है। परिवार के भीतर भी यह उपयोगी है, जैसे किसी सदस्य के फोन से दूसरे के टैबलेट पर यात्रा की तस्वीरें भेजना।
फोटोग्राफी या वीडियो का काम करने वाले उपयोगकर्ताओं के लिए इसका लाभ चयनित सामग्री को जल्दी दूसरे डिवाइस पर पहुंचाने में है। फिर भी, इसे पूर्ण बैकअप प्रणाली न समझें। महत्वपूर्ण तस्वीरों की दूसरी सुरक्षित कॉपी रखने के लिए अलग बैकअप आदत जरूरी है। LocalSend तत्काल स्थानांतरण में अच्छा है, लेकिन दीर्घकालिक संरक्षण का पूरा समाधान नहीं।
दूसरी ओर, यदि आपका मुख्य काम दूर बैठे सहकर्मियों के साथ फाइल साझा करना है, आपको फाइलों पर साथ मिलकर संपादन करना है या हर जगह से पुराने संस्करण खोलने हैं, तो क्लाउड सेवा अधिक सही रहेगी। जो लोग नेटवर्क सेटिंग्स से बिल्कुल परेशान नहीं होना चाहते, उनके लिए केबल या पहले से जुड़े क्लाउड फोल्डर कभी-कभी कम अनिश्चित लग सकते हैं। यहां चुनाव सुविधा बनाम स्थानीय नियंत्रण का है।
मूल्य, पहुंच और रोजमर्रा की समझदारी
ऐप मुफ्त है और इसे 3+ के लिए रेट किया गया है, इसलिए परिवार के सामान्य उपकरणों पर इसे अपनाना आसान है। साथ ही, इन-ऐप खरीदारी प्रति आइटम ₹500 से ₹5,000 तक दिखाई देती है। मेरे लिए इसका अर्थ है कि इंस्टॉल करते समय भुगतान संबंधी स्क्रीन को ध्यान से पढ़ना और किसी अतिरिक्त विकल्प को जल्दबाजी में न चुनना चाहिए। सामान्य फाइल ट्रांसफर के लिए ऐप का मुफ्त उपलब्ध होना इसकी पहुंच को मजबूत बनाता है।
मुझे यह भी पसंद है कि इसका उद्देश्य स्पष्ट रहता है। यह अनावश्यक सोशल फीड, चैट या अकाउंट प्रबंधन के बीच फाइल भेजने को छिपाता नहीं। स्थानीय नेटवर्क पर सीधे फाइल कॉपी करना इसका मुख्य लाभ है, और उपयोगकर्ता को उसी आधार पर इसे चुनना चाहिए। इसकी सादगी तब मूल्यवान लगती है जब आपको केवल काम पूरा करना हो, न कि किसी बड़े ऑनलाइन प्लेटफॉर्म में नई व्यवस्था बनानी हो।
मेरा अंतिम फैसला
मेरे अनुभव में LocalSend: Transfer Files उन लोगों के लिए भरोसेमंद और व्यावहारिक टूल है जिन्हें पास मौजूद उपकरणों के बीच फाइलें जल्दी भेजनी होती हैं। इसका सबसे अच्छा उपयोग तब होता है जब आप नेटवर्क की स्थिति समझते हैं, डिवाइस नाम साफ रखते हैं और प्राप्त फाइलों के लिए पहले से एक व्यवस्थित फोल्डर तय करते हैं। इन छोटी आदतों के साथ इसका workflow काफी सहज हो जाता है।
मैं इसे खासकर फोन से कंप्यूटर, टैबलेट से फोन और परिवार के दो उपकरणों के बीच मूल गुणवत्ता वाली सामग्री भेजने के लिए सुझाऊंगा। लेकिन दूरस्थ साझाकरण, सहयोगी संपादन, स्थायी बैकअप या बेहद बड़े और संवेदनशील कामों के लिए मैं परिस्थिति के अनुसार क्लाउड, केबल या किसी अधिक नियंत्रित समाधान को चुनूंगा। अगर आपके उपकरण पास हैं और आपको बिना अकाउंट वाली सीधी स्थानीय कॉपी चाहिए, तो यह मुफ्त टूल आजमाने लायक है। इसकी सीमाएं समझकर इस्तेमाल करने पर यह रोजमर्रा के छोटे-छोटे ट्रांसफर को सचमुच कम झंझट वाला बना देता है।
Unknown
LocalSend: Transfer Files क्या है और यह कैसे काम करता है?
LocalSend एक ओपन-सोर्स फ़ाइल ट्रांसफर ऐप है, जिसकी मदद से आप Android, iPhone, iPad, Windows, macOS और Linux डिवाइसों के बीच फ़ोटो, वीडियो, दस्तावेज़ और अन्य फ़ाइलें भेज सकते हैं। यह इंटरनेट या क्लाउड स्टोरेज पर निर्भर नहीं करता, बल्कि स्थानीय Wi‑Fi नेटवर्क का उपयोग करता है। दोनों डिवाइसों में ऐप खोलकर एक ही नेटवर्क से कनेक्ट रहने पर उपलब्ध डिवाइस दिखाई देने लगते हैं।
क्या LocalSend इस्तेमाल करने के लिए इंटरनेट कनेक्शन या अकाउंट बनाना जरूरी है?
LocalSend का उपयोग करने के लिए सामान्यतः इंटरनेट कनेक्शन, ईमेल, फोन नंबर या किसी ऑनलाइन अकाउंट की आवश्यकता नहीं होती। फ़ाइलें आपके स्थानीय नेटवर्क के माध्यम से सीधे एक डिवाइस से दूसरे डिवाइस तक जाती हैं। हालांकि, दोनों डिवाइसों का एक ही Wi‑Fi नेटवर्क पर होना जरूरी है। ऐप डाउनलोड और अपडेट करने के लिए इंटरनेट चाहिए, लेकिन वास्तविक ट्रांसफर के दौरान मोबाइल डेटा या क्लाउड सेवा की जरूरत नहीं पड़ती।
क्या LocalSend सुरक्षित है और भेजी गई फ़ाइलें कहाँ स्टोर होती हैं?
LocalSend फ़ाइलों को किसी केंद्रीय सर्वर पर अपलोड किए बिना स्थानीय नेटवर्क में ट्रांसफर करता है, इसलिए गोपनीय दस्तावेज़ या निजी फ़ोटो साझा करने के लिए यह उपयोगी विकल्प हो सकता है। ऐप में डिवाइस पहचान और ट्रांसफर स्वीकार करने की प्रक्रिया भी रहती है, जिससे अनचाहा रिसीव कम होता है। फिर भी, सार्वजनिक या असुरक्षित Wi‑Fi पर इसका उपयोग करते समय सावधानी रखें और केवल भरोसेमंद डिवाइस को अनुमति दें।
क्या LocalSend Android और iPhone के बीच फ़ाइलें भेज सकता है?
हाँ, LocalSend का एक बड़ा लाभ यह है कि यह अलग-अलग प्लेटफ़ॉर्म के बीच फ़ाइल साझा करने की सुविधा देता है। Android फोन से iPhone या iPad और इसके विपरीत फ़ोटो, वीडियो, PDF, दस्तावेज़ और अन्य समर्थित फ़ाइलें भेजी जा सकती हैं। बेहतर परिणाम के लिए दोनों डिवाइसों में LocalSend का नया संस्करण इंस्टॉल करें, उन्हें एक ही Wi‑Fi नेटवर्क पर रखें और iPhone पर स्थानीय नेटवर्क की अनुमति सक्रिय करें।
LocalSend में फ़ाइल ट्रांसफर न हो तो क्या करना चाहिए?
यदि डिवाइस एक-दूसरे को नहीं पहचान रहे हैं, तो सबसे पहले जाँचें कि दोनों एक ही Wi‑Fi नेटवर्क से जुड़े हैं और किसी एक डिवाइस पर मोबाइल हॉटस्पॉट, VPN या गेस्ट नेटवर्क सक्रिय नहीं है। ऐप को बंद करके दोबारा खोलना, स्थानीय नेटवर्क की अनुमति देना और फ़ायरवॉल सेटिंग जाँचना भी मदद कर सकता है। बड़े वीडियो भेजते समय डिवाइसों को पास रखें और ट्रांसफर पूरा होने तक ऐप को बैकग्राउंड में बंद न करें।







